हिंदी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारों का सम्मान, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर चर्चा

मेरठ। लोकतंत्र की सफलता बहुत हद तक पत्रकारिता की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। चौथे स्तंभ की मजबूती से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हो सकती है। यह विचार हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया न्यूजपेपर संगठन एवं सोशल मीडिया संगठन के संयुक्त तत्वावधान में अन्नपूर्णा मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने व्यक्त किए।

वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 1826 में कोलकाता से प्रकाशित हिंदी के प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तंड ने भारतीय पत्रकारिता की नींव रखी थी। इसके संस्थापक पंडित जुगल किशोर शुक्ल थे। उन्होंने कहा कि इस पत्र ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास संघर्ष और समर्पण से भरा हुआ है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अनेक समाचार पत्रों और उनके संपादकों ने ब्रिटिश शासन के दमन का सामना किया, लेकिन सत्य और राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कभी कमजोर नहीं हुई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता समय के साथ निरंतर विकसित हुई है। संचार क्रांति के इस दौर में समाचार केवल पढ़े और सुने ही नहीं जाते, बल्कि सीधे देखे भी जाते हैं।
वक्ताओं ने पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर बल देते हुए कहा कि आज भी प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता कायम है। पत्रकार द्वारा लिखा गया प्रत्येक शब्द महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उसी के आधार पर समाज अपनी धारणाएं बनाता है और वही इतिहास का हिस्सा बन जाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होता है, जो समाज की वास्तविक तस्वीर लोगों तक पहुंचाता है।
इस अवसर पर पत्रकारों से पत्रकारिता के आदर्शों और सिद्धांतों पर चलते हुए समाज को सकारात्मक दिशा देने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते परिवेश और डिजिटल प्रतिस्पर्धा के दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। निष्पक्षता, सामाजिक सरोकार और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया संगठन एवं ऑल इंडिया न्यूजपेपर संगठन की ओर से वरिष्ठ पत्रकारों, महिलाओं एवं अतिथियों को दुपट्टा, साफा एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नरेंद्र सिंह खजूरी, मौलाना मसूदुर रहमान, शाहीन जमाली, चतुर्वेदी नीरज कांत राही, पुष्पेंद्र शर्मा, प्रदीप वत्स, रामभूल तोमर, नरेश उपाध्याय, सुमित मोहन शर्मा, हर्षवर्धन बीटन, डॉ. सुधाकर आशावादी, नरेश दत्त, रमेश चंद शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, नईम अहमद, अंकित बिश्नोई, डॉ. नयन, सरबजीत गुमान, प्रिया रस्तोगी, किरण बिश्नोई, नताशा, नरेंद्र जैन, दीप जैन, डॉ. कर्मेंद्र सिंह, सरदार सरबजीत कपूर, महेश चंद शर्मा, डॉ. गजेंद्र शर्मा, पुनीत सिंघल, राजीव लोचन गोयल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी यशपाल सिंह ने की, जबकि संचालन रवि कुमार बिश्नोई ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।



