रात्रिकालीन रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन सम्पन्न, विश्व कल्याण के लिए की गई प्रार्थना

गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ मंदिर में मंगलवार रात्रि विशेष रुद्राभिषेक, जलाभिषेक एवं वैदिक पूजन-अर्चना का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राजस्थान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ने भगवान दूधेश्वर महादेव का विधि-विधानपूर्वक रुद्राभिषेक कर राष्ट्र की उन्नति, विश्व शांति, सनातन धर्म की रक्षा एवं मानवता के कल्याण की कामना की।

वैदिक अनुष्ठान श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य सम्पन्न कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
इस अवसर पर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव की आराधना मनुष्य को आध्यात्मिक शक्ति, सकारात्मक ऊर्जा तथा लोककल्याण की प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है और भगवान आशुतोष अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण कर जीवन की बाधाओं का निवारण करते हैं।

प्राचीन आस्था का केंद्र है दूधेश्वर धाम
सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थल प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों और सिद्ध संतों की तपोभूमि रहा है। भगवान शिव के स्वयंभू स्वरूप के रूप में प्रतिष्ठित दूधेश्वर महादेव का यह धाम श्रद्धा, सनातन संस्कृति, वैदिक शिक्षा और संत परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है।
मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार वर्ष 1667 में ने यहां यज्ञ सम्पन्न कर मंदिर के जीर्णोद्धार में योगदान दिया था। तभी से यह धाम धर्म, अध्यात्म और राष्ट्र चेतना के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित है। वर्तमान में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर महाआरती आयोजित की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



