जागेश्वर एवं दंडेश्वर महादेव के दर्शन कर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने की विश्व कल्याण की प्रार्थना

अल्मोड़ा। देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद स्थित प्रसिद्ध जागेश्वर धाम एवं ऐतिहासिक दंडेश्वर महादेव मंदिर में जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने भगवान शिव के दर्शन-पूजन कर विश्व शांति, राष्ट्र कल्याण और मानवता के मंगल की कामना की। इस अवसर पर राजस्थान के जसोल राजपरिवार के सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल भी उपस्थित रहे।

श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने सर्वप्रथम जागेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर राष्ट्र की उन्नति, विश्व शांति, सनातन धर्म की समृद्धि तथा समस्त मानव समाज के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम देवताओं की तपोभूमि है और यहां का प्रत्येक मंदिर भारतीय संस्कृति, अध्यात्म एवं सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

इसके उपरांत उन्होंने दंडेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अभिलेखों के अनुसार दंडेश्वर मंदिर कुमाऊँ क्षेत्र के सबसे विशाल एवं प्राचीन शिव मंदिरों में से एक है। माना जाता है कि इसका निर्माण कत्यूरी शासकों द्वारा 9वीं से 10वीं शताब्दी के मध्य कराया गया था। मंदिर परिसर में लगभग 14 सहायक मंदिर भी स्थित हैं। देवदार के घने वनों के बीच स्थित यह प्राचीन शिवधाम अपनी दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा एवं अद्भुत स्थापत्य कला के लिए विख्यात है।

मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का अभिषेक एवं आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि जागेश्वर एवं दंडेश्वर महादेव केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक चेतना, तपस्या और साधना के महान केंद्र हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा तथा भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने कहा कि उत्तराखंड की यह पावन भूमि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। जागेश्वर एवं दंडेश्वर महादेव के दर्शन से मन को अद्भुत शांति एवं आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति होती है।
दर्शन-पूजन के उपरांत श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया तथा भगवान शिव से राष्ट्र की सुख-समृद्धि, जनकल्याण एवं विश्व मंगल की प्रार्थना की।



