श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव बने स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, संत समाज व अखाड़ों में खुशी की लहर

श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने दी हार्दिक बधाई, कहा-“विद्वत्ता, तप और संत परंपरा के अनुभव से श्रीराम जन्मभूमि धाम को मिलेगी नई दिशा”
गाजियाबाद। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके परम पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज को न्यास का महासचिव बनाए जाने पर देशभर के संत समाज एवं अखाड़ा परंपरा में हर्ष और प्रसन्नता की लहर है।
सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष, श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के अध्यक्ष/संरक्षक एवं हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज को इस गौरवपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं मंगल शुभकामनाएं दी हैं।
श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज वेद-शास्त्रों के प्रकांड विद्वान, तपस्वी संत और कुशल संगठनकर्ता हैं। कोषाध्यक्ष के रूप में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की वित्तीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अब महासचिव के रूप में उनका दायित्व और अधिक व्यापक हो गया है।
महासचिव के रूप में न्यास के संगठनात्मक एवं प्रशासनिक कार्यों में समन्वय, न्यास के महत्वपूर्ण निर्णयों को क्रियान्वित कराने में भूमिका, पदाधिकारियों एवं विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच तालमेल तथा श्रीराम जन्मभूमि धाम से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों में सहभागिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र में रहेगी। इसके साथ ही धार्मिक व्यवस्थाओं, पूजा-पद्धति, वैदिक परंपराओं, पर्व-उत्सवों एवं अर्चक व्यवस्था जैसे विषयों में भी उनके दीर्घ आध्यात्मिक अनुभव का लाभ श्रीराम जन्मभूमि धाम को प्राप्त होगा।
श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने कहा, “यह केवल एक पद की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था से जुड़े श्रीराम जन्मभूमि धाम की सेवा का अत्यंत पवित्र दायित्व है। पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज की विद्वत्ता, साधना, तपस्या और संगठनात्मक अनुभव से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास और अधिक सुदृढ़ होगा।”
उन्होंने कहा कि संत समाज और अखाड़ा परंपरा के लिए यह अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का विषय है। पूज्य संत को इतना महत्वपूर्ण दायित्व मिलने से देशभर के साधु-संतों एवं अखाड़ों में खुशी की लहर है।
श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करते हुए कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज को इस महान दायित्व के सफल निर्वहन के लिए असीम शक्ति प्रदान करें। उनके मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि धाम सनातन संस्कृति, धर्म और राष्ट्र गौरव की दिव्य पताका को संपूर्ण विश्व में और ऊंचा करे।”


