GhaziabadHealthUttar Pradesh

टीबी के खिलाफ जंग में रेडक्रॉस ने बढ़ाया मदद का हाथ

‘कोई रोगी छूटे ना, सुरक्षा चक्र टूटे ना’ के संकल्प के साथ गांव-गांव पहुंचेगी टीम

गाजियाबाद। क्षय रोग मुक्त भारत के संकल्प को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के सभापति एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने देश के औद्योगिक घरानों, समाजसेवी संस्थाओं और युवाओं से टीबी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में सहभागी बनने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चल रहे सेवा एवं समर्पण अभियान की निरंतरता में ‘जोश टीम’ ऐप लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य देश से क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने के अभियान को और मजबूत करना है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण गाजियाबाद विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में देखा और सुना गया। कार्यक्रम में सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित विक्रम, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार यादव सहित क्षय रोग के विरुद्ध लगातार सक्रिय भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी गाजियाबाद की टीम मौजूद रही।

इस अवसर पर निवर्तमान सभापति डॉ. सुभाष गुप्ता ने टीबी मुक्त गाजियाबाद के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि रेडक्रॉस ने अब तक बिना संस्था के धन का प्रयोग किए लगभग पांच हजार टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि केवल अस्पतालों तक सीमित रहने के बजाय रेडक्रॉस की टीम ने जनपद के दूर-दराज गांवों तक पहुंचकर स्वस्थ भारत और टीबी मुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाया है।

जब दवाएं खत्म हुईं, तो निजी प्रयास से सामने आए : डॉ. गुप्ता

डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पूर्व राजकीय चिकित्सालय में टीबी की दवाएं समाप्त हो गई थीं। उस कठिन समय में उन्होंने निजी प्रयास से लगभग चार लाख रुपये की टीबी की दवाएं उपलब्ध कराईं। तत्कालीन रेडक्रॉस गाजियाबाद उपाध्यक्ष डॉ. भवतोष शंखधर और जिला क्षय रोग विभाग को ये दवाएं डॉ. वीके सिंह, स्थानीय सांसद एवं वर्तमान में रेडक्रॉस के मिजोरम अध्यक्ष, की उपस्थिति में भेंट की गई थीं। यह पहल इस बात की मिसाल बनी कि किसी बीमारी के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशील भागीदारी से भी मजबूत होती है।
रेडक्रॉस गाजियाबाद टीम के प्रतिनिधि एम.सी. गौड़ और राकेश गुप्ता ने बताया कि आने वाले समय में जूनियर रेडक्रॉस और यूथ रेडक्रॉस की सशक्त टोलियां तैयार की जाएंगी। ये टीमें घर-घर दस्तक देकर लोगों को टीबी के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के प्रति जागरूक करेंगी।
टीबी के खिलाफ इस अभियान का संदेश स्पष्ट है—बीमारी से लड़ाई तभी जीती जा सकती है, जब कोई मरीज हमारी नजर से ओझल न हो।
‘कोई भी रोगी छूटे ना, सुरक्षा चक्र टूटे ना’ के संकल्प के साथ रेडक्रॉस ने टीबी मुक्त गाजियाबाद की मुहिम को और व्यापक बनाने का आह्वान किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button