धर्मशालाएं धर्म, सेवा और सामाजिक एकता की मजबूत आधारशिला : श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज

श्रीधाम वृंदावन में गौड़ा राजपूताना आश्रम धर्मशाला का भव्य उद्घाटन
वृंदावन (हिन्द आत्मा)। श्रीधाम वृंदावन के मोहन नगर स्थित नवनिर्मित गौड़ा राजपूताना आश्रम (धर्मशाला) का रविवार को धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में भव्य उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वैष्णव शिरोमणि महंत बलराम दास जी महाराज की भी विशेष उपस्थिति रही। धर्मशाला के अध्यक्ष एवं इतिहासकार रोहतास सिंह चौहान सहित अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 तथा राजपूत समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों ने संत-महात्माओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि श्रीधाम वृंदावन में धर्मशाला का निर्माण अत्यंत पुण्यदायी एवं जनसेवा का कार्य है। यह धर्मशाला दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। उन्होंने राजपूत समाज के धर्मरक्षा, राष्ट्ररक्षा एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ अखंड कीर्तन तथा संतों के सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। इसके पश्चात श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज, महंत बलराम दास जी महाराज, रोहतास सिंह चौहान एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में धर्मशाला का विधिवत उद्घाटन किया गया।

आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन परमपिता परमेश्वर एवं श्रीश्री 108 श्री किशोरी शरण सूरदास बाबा की असीम कृपा से श्री वेद किशोरी गौ सेवा ट्रस्ट (पंजीकृत) तथा संत श्री सूरदास बाबा कीर्तन मंडली और भक्तगण के सहयोग से संपन्न हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में राजपूत समाज के बंधु, संत-महात्मा एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने नवनिर्मित धर्मशाला की उन्नति तथा इसके माध्यम से निरंतर धर्म एवं मानव सेवा किए जाने की मंगलकामना की।


