व्यापारी संवाद कार्यक्रम में जीएसटी अनुपालन और समस्याओं पर हुई चर्चा

गाजियाबाद। राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों और करदाताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा जीएसटी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को अम्बेडकर रोड स्थित सेक्टर-18, जोन-2 में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आयुक्त, राज्य कर के निर्देशों के क्रम में किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, क्षेत्र के व्यापारियों, करदाताओं एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह में वृद्धि, अधिक से अधिक व्यापारियों का जीएसटी पंजीकरण, जीएसटी 2.0 में सुधार, कर अनुपालन को सुदृढ़ करना तथा व्यापारियों की समस्याओं एवं सुझावों को सीधे सुनना था। इस अवसर पर व्यापारियों को जीएसटी से संबंधित विभिन्न प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं और हाल ही में किए गए संशोधनों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
संवाद के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), ई-वे बिल, पंजीकरण प्रक्रिया तथा अन्य कर संबंधी विषयों से जुड़ी समस्याएं और जिज्ञासाएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। विभागीय अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए समाधान प्रस्तुत किए और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर श्रीमती पूर्णिमा, सहायक आयुक्त राज्य कर लाल सिंह तथा राज्य कर अधिकारी श्री राम दयाल रावत ने व्यापारियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कर अनुपालन को सरल एवं सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अधिकारियों ने व्यापारियों को समयबद्ध तरीके से रिटर्न दाखिल करने, सही कर भुगतान सुनिश्चित करने तथा विभाग की ऑनलाइन सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य कर विभाग व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उन्हें बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग और व्यापारियों के बीच नियमित संवाद से न केवल कर व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।
कार्यक्रम के अंत में व्यापारियों एवं विभागीय अधिकारियों ने इस तरह के संवाद कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर बल दिया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संपादन किया गया।



