लखनऊ में मिल रहा है हैदराबादी ज़ायक़ा

- उर्दू अदब और रियासतों की ख़ास तारीख़ी पहचान रखने वाले लखनऊ और हैदराबाद के ज़ायक़ों की ख़ास पहचान रही है।
लखनऊ। सियासत की पेचीदगियों के अलावा शान-ओ-शौकत, घूमने-फिरने और खाने-पीने की ज़िन्दा दिली के लिये भी जाना जाता है।
चारबाग़ से लेकर हज़रतगंज और पुराने लखनऊ के अमीनाबाद, हुसैनाबाद, चौक होते हुए गोमतीनगर तक लखनऊ वासियों और बाहर से आने वाले मेहमानों के लिये विशेष इंतेज़ाम रहते हैं।

घर की मुर्ग़ी-दाल बराबर कहावत लखनऊ की बिरयानी और कबाब को जहाँ हैदराबाद में शोहरत दिलवा रही है तो वहीं हैदराबादी ज़ायक़ों की डिमांड लखनऊ में बढ़ रही है।
इस मनोविज्ञान के पहियों से फूड बिज़नेस को रफ्तार देने के बाज़ीगर आफताब कुरैशी और वरिष्ठ राजनेता, बा’अख़लाक़, बा’किरदार, दस्तरख़्वान नवाज़, हरदिल अज़ीज़ पूर्व विधायक आसिफ ख़ान बब्बू का “पिस्ता हाऊस” फिलहाल शहर की आब-ओ-हवा में चर्चा का विषय है।
ज़ायक़े के शहर लखनऊ में लज़ीज़ खानों का मरकज़ बने हुसैनाबाद फूड कोर्ट के पिस्ता हाऊस नाम के फूड-स्टाॅल की शोहरत के बाद अब उत्तर प्रदेश विधानसभा से चंद क़दमों की दूरी पर इस्लामिया काॅलेज के सामने लालबाग़ में ‘पिस्ता हाऊस’ की लज़ीज़ डिशों की ख़ुश्बू हर तरफ महक रही है।
ज़ायक़ों का मरकज़ बने पिस्ता हाऊस का ज़िक्र बरसात के मौसम में कुछ ज़्यादा ही उफान पर है। जश्न-ए-आज़ादी का मुबारक मौक़ा और 4 दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान आम आदमी से लेकर, नेता, पत्रकार, विधायक-सांसद, मौजूदा-पूर्व जनप्रतिनिधियों का हुजूम पिस्ता हाऊस की रौनक़ें बन रहा है।
तमाम लज़ीज़ नेमतों में हैदराबादी हलीम-बिरयानी के ज़ायक़े की मांग सबसे ज़्यादा है। जश्न-ए-आज़ादी के मुबारक मौक़े पर खुले पिस्ता हाऊस ने आज़ादी की रौनक़ों में चार चांद लगा दिये हैं।
अब आप पूरी आज़ादी से बेसमेंट में बनी बेकरी से लेकर ROOFTOP तक कहीं भी बैठकर पूरी आज़ादी के साथ ज़ायकों का लुत्फ उठा सकते हैं।
यही वजह है कि जश्न-ए-आज़ादी के मुबारक मौक़े पर आम से लेकर ख़ास तक लोगों का हुजूम भारी तादाद में पिस्ता हाऊस पहुँच रहा है और हैदराबाद की लज़्ज़ती हलीम-बिरयानी समेत मुख़्तलिफ डिशों का लुत्फ उठा रहा है। चार मंज़िला इमारत में यार-दोस्तों, घर-परिवार, ख़ानदान, समाज की हर तरह की दावत के लिये अलग-अलग बैठने का इंतेज़ाम और वेज-नाॅनवेज फूड के अलग-अलग ज़ायक़ों से सराबोर पिस्ता हाऊस में स्वागत के लिये तैयार हैं जनाब आफताब क़ुरैशी और जनाब आसिफ ख़ान बब्बू।
पिस्ता हाऊस के मालिकों में शामिल आसिफ ख़ान बब्बू ने बताया कि लखनऊ की शान-ओ-शौक़त और ज़रूरत को देखते हुये उन्होंने ‘पिस्ता हाऊस’ की शुरुआत की है और जश्न-ए-आज़ादी के मुबारक मौक़े पर उनके फूड-कोर्ट में ख़ासी तादाद में आम से लेकर ख़ास तक हर तरह के लोगों का हुजूम इकट्ठा हो रहा है।
वहीं पिस्ता हाऊस के दूसरे पार्टनर आफताब क़ुरैशी ने दावा किया कि ये लखनऊ का पहला सबसे बड़ा फूड-कोर्ट है जहाँ वेज-नाॅनवेज फूड के अलावा बेकरी आइटम एक ही जगह उपलब्ध रहेंगे और अपने ग्राहकों को संतुष्ट करना पिस्ता हाऊस के मालिकों की प्राथमिकता रहेगी।
अब देखने वाली बात होगी कि लखनऊ जैसे शहर में वेज-नाॅनवेज रेस्टोरेंट की भीड़ में एक ही छत के नीचे कई चीज़ें उपलब्ध कराने वाला हैदराबादी पिस्ता हाऊस जनता के बीच में क्या कमाल दिखा पाता है।
-उस्मान सिद्दीक़ी
वरिष्ठ पत्रकार
सहारा समय, समाचार प्लस, न्यूज़ नेशन, न्यूज़-24, न्यूज़-18, 4-PM से लेकर अभी तक न्यूज़ नेटवर्क तक
(फिल्मसिटी, नोयडा)



