
नई दिल्ली। देश में पत्रकारों, विशेषकर मान्यता प्राप्त (एक्रेडिटेड) और वरिष्ठ पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए यवतमाल-वाशिम (महाराष्ट्र) से सांसद संजय उत्तमराव देशमुख ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ठोस कदम उठाने की मांग की है। 28 मार्च 2026 को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने पत्रकारों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया है।
सांसद देशमुख ने पत्र के साथ “मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति” के अध्यक्ष रवींद्र गुप्ता द्वारा सौंपे गए मांगपत्र को भी संलग्न किया है। साथ ही, लोकसभा में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिस पर उन्होंने असंतोष जताया।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 10 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पत्रकारों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य सुविधाओं के संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई।
👉 मुख्य बिंदु:
-पत्रकारों के लिए स्पष्ट पेंशन नीति की मांग
-बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
-रेल यात्रा रियायतों को फिर से शुरू करने की मांग
-राज्यों में दी जा रही सुविधाओं पर पारदर्शिता की आवश्यकता
देशभर में एक समान राष्ट्रीय नीति लागू करने की मांग
सांसद देशमुख ने यह भी सवाल उठाया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए बनाए गए कल्याणकारी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन हो भी रहा है या नहीं।
पत्र में उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पत्रकार संगठनों द्वारा भेजे गए ज्ञापनों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए पत्रकारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण स्तंभ को और मजबूती मिल सके।



