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केंद्र सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप, SC ने किसानों से कहा-धैर्य रखें

Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की चिकित्सा सहायता लेने और 14 फरवरी को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में शामिल होने की इच्छा पर संज्ञान लिया.

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस मुद्दे पर विचार करते हुए सुनवाई को 14 फरवरी के बाद के लिए टाल दिया.

एमएसपी की कानूनी गारंटी पर चर्चा स्थगित

न्यायालय में कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग पर सुनवाई चल रही थी. इस दौरान पीठ ने कहा कि चूंकि डल्लेवाल बैठक में शामिल होने को तैयार हैं और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति पर भरोसा जता रहे हैं, इसलिए किसी भी भ्रम से बचने के लिए बैठक होने तक इस मामले की सुनवाई नहीं की जाएगी.

डल्लेवाल ने भूख हड़ताल के बावजूद चिकित्सा सहायता ली

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 22 जनवरी को पंजाब सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. यह मामला किसान नेता डल्लेवाल के भूख हड़ताल के बावजूद चिकित्सा सहायता लेने से जुड़ा था.

सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप

याचिकाकर्ता गुणीन्दर कौर गिल ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार ने 2021 में किसानों की मांगों को लागू करने पर सहमति जताई थी, लेकिन अब वह अपने वादे से पीछे हट गई है. इस पर पीठ ने याचिकाकर्ता को धैर्य रखने की सलाह दी और कहा कि पहले सरकार और किसानों को बातचीत करने दी जाए, जरूरत पड़ने पर अदालत आदेश पारित करेगी.

केंद्र सरकार को जवाब देने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने 2 जनवरी को केंद्र सरकार से पूछा था कि वह किसानों की वास्तविक शिकायतों पर विचार करने के लिए अपने दरवाजे खुले रखने की घोषणा क्यों नहीं कर सकती. हालांकि, अदालत ने इस पर केंद्र को कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया, लेकिन नई याचिका पर जवाब देने को कहा था.

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