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दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन ने मनाई स्वामी विवेकानंद जयंती

नई दिल्ली। दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन ने प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को नवयुग स्कूल, पेशवा रोड, नई दिल्ली में एनडीएमसी के विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता का विषय “युवा शक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में विवेकानंद के विचारों की भूमिका” रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार इंदिरा मोहन ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों में व्यक्ति और व्यक्तित्व निर्माण के गुण कालजयी रूप से विद्यमान हैं। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा के अक्षय स्रोत हैं और उन्हें जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित बाल साहित्यकार रिंकल शर्मा ने स्वामी विवेकानंद से जुड़े एक प्रेरक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी जी का ओजस्वी व्यक्तित्व और उनके विचार आज भी जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के अमर संदेश— “उठो, जागो और अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक निर्भयता के साथ लगे रहो”—को जीवन का सशक्त मंत्र बताया। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन ने इस प्रेरक सूत्र को अपने कार्यों में आत्मसात करते हुए हिंदी के विकास और विस्तार की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए हैं, जो संस्थान की वैचारिक ऊर्जा, सांस्कृतिक चेतना और भाषा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।


सम्मेलन के महामंत्री प्रो. हरीश अरोड़ा ने स्वामी विवेकानंद की विचारधारा को न केवल युवाओं बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणाप्रद बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार भारतीय जीवन दर्शन की महान विरासत को गति प्रदान करते हैं। विद्यालय की प्राचार्या मीनाक्षी कौशिक ने सम्मेलन के इस महती प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को सशक्त दिशा मिलती है।

कार्यक्रम के संयोजक आचार्य अनमोल ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षों से विद्यार्थियों को भारत के महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को श्रेष्ठ मूल्यों से समृद्ध करने का अवसर प्रदान करना है। भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक सुनील विज एवं सुधा शर्मा पुष्प ने प्रतिभागियों के विचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रस्तुत भाषणों में विद्यार्थियों की प्रतिभा और वैचारिक समझ स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
प्रतियोगिता में लगभग 50 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यालय के विभिन्न प्राध्यापकों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

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