
—स्वर्ण समाज समन्वय समिति के बैनर तले होगा ‘यूजीसी रोल बैक आंदोलन’
—एक फरवरी को देशव्यापी बंद से होगी आंदोलन की शुरुआत
नई दिल्ली। यूजीसी एक्ट को लेकर जारी विवाद के बीच सवर्ण समाज समन्वय समिति से जुड़े 40 से अधिक सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि यूजीसी एक्ट को वापस नहीं लिया गया, तो 8 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल “यूजीसी रोल बैक आंदोलन” किया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत एक फरवरी 2026 को आहूत देशव्यापी बंद के समर्थन के साथ होगी।
यह जानकारी शनिवार पंडित मदन मोहन मालवीय स्मृति भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में समिति के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने दी। प्रेस वार्ता में करणी सेना के राज सिंह शेखावत व अजीत सिंह, हिंदू महासभा के विजय कौशिक, कायस्थ महासभा के अनूप श्रीवास्तव, ब्रिगेडियर अनिल श्रीवास्तव, इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति सुधीर सक्सेना, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डी.पी. श्रीवास्तव, अग्रवाल महासभा के अनिल अग्रवाल, भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीधर साल्वे, जनसंघ के कुलदीप पांडे, योगी किशोर तिवारी, छगन सिंह राठौर सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि यूजीसी एक्ट खामियों से भरा और समाज को बांटने वाला कानून है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवर्ण समाज समन्वय समिति किसी भी कीमत पर समाज को बंटने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस कानून पर अस्थायी रोक लगाए जाने के बावजूद यह तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक संसद इसे औपचारिक रूप से वापस नहीं लेती। चूंकि यह कानून संसद से पारित हुआ है, इसलिए इसे वापस लेने का अधिकार भी संसद के पास ही है।
उन्होंने बताया कि एक फरवरी से देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और कानून के विरोध में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। यदि इस दौरान केंद्र सरकार कानून वापस ले लेती है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है, अन्यथा 8 मार्च 2026 को रामलीला मैदान में होने वाला आंदोलन ऐतिहासिक रूप लेगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि समाज को विभाजित करने वाले कदमों के गंभीर परिणाम होंगे।
भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीधर साल्वे ने कहा कि उनकी संस्था सवर्ण समाज समन्वय समिति के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी स्थिति में समाज को विभाजित नहीं होने दिया जाएगा। वहीं करणी सेना के राज सिंह शेखावत ने यूजीसी एक्ट को “काला कानून” बताते हुए कहा कि जब तक सरकार इसे वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी असंभव हो जाएगी।



