गाज़ियाबाद में दंत स्वास्थ्य शिविर, सैकड़ों निवासियों ने कराया जांच

AIDSA उत्तर प्रदेश स्टूडेंट विंग और क्लोव डेंटल की संयुक्त पहल, भाजपा नेता यतेन्द्र नागर ने किया उद्घाटन
गाज़ियाबाद, हिन्द आत्मा संवाददाता।
सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा-यमुना अपार्टमेंट परिसर में रविवार को ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIDSA)-उत्तर प्रदेश स्टूडेंट विंग और क्लोव डेंटल के संयुक्त तत्वावधान में नि:शुल्क दंत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य यतेन्द्र नागर ने दीप प्रज्वलित कर किया।

नागर ने किया स्वास्थ्य जागरूकता पर बल
उद्घाटन अवसर पर यतेन्द्र नागर ने कहा, “स्वस्थ दाँत और स्वच्छ मुख संपूर्ण शरीर के स्वास्थ्य की नींव हैं। लोग अक्सर दंत समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। ऐसे शिविर न केवल दंत देखभाल की सुविधाएँ उपलब्ध कराते हैं बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी फैलाते हैं।”
बड़ी संख्या में लोग पहुँचे शिविर
शिविर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक करीब 200 से अधिक निवासियों ने दंत जांच और परामर्श का लाभ उठाया। डॉक्टरों की टीम ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को दांतों और मसूड़ों की बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। खासकर बच्चों को सही ब्रशिंग तकनीक और खान-पान से जुड़ी सावधानियों पर प्रशिक्षण दिया गया।

AIDSA पदाधिकारी और डॉक्टरों की टीम रही मौजूद
इस अवसर पर AIDSA उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. साहिल त्यागी, उपाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र वशिष्ठ और महासचिव डॉ. आरुष शर्मा सहित क्लोव डेंटल के विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य युवाओं और समाज को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। डॉ. साहिल त्यागी ने बताया कि आगामी महीनों में गाज़ियाबाद और मेरठ मंडल के विभिन्न इलाकों में भी इस तरह के दंत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
निवासियों ने जताई प्रसन्नता
अपार्टमेंट निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अपने घर के पास ही नि:शुल्क जांच और विशेषज्ञ परामर्श मिलना बहुत उपयोगी रहा। एक वरिष्ठ निवासी ने कहा, “आमतौर पर लोग दाँत की तकलीफ़ होने पर ही डॉक्टर के पास जाते हैं। यहाँ समय रहते हमें जानकारी और इलाज का विकल्प मिला, जो वास्तव में सराहनीय है।”
आगे भी होंगे शिविर
कार्यक्रम के अंत में सभी डॉक्टरों और AIDSA टीम का अभिनंदन किया गया। निवासियों ने मांग की कि ऐसे शिविर हर छह माह में नियमित रूप से आयोजित किए जाएँ।



