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नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने आईसीआईएमआईएस–2026 का किया आयोजन

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता–व्यवसाय समन्वय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट द्वारा 23–24 जनवरी 2026 को मिश्रित माध्यम (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम) में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता–व्यवसाय समन्वय: बहुविषयक नवाचार एवं सततता हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग (आईसीआईएमआईएस–2026)” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह सम्मेलन शिक्षाविदों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, नीति–निर्माताओं तथा शोधकर्ताओं के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें नवाचार, सतत विकास और समावेशी प्रगति को आगे बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर व्यापक विचार–विमर्श किया गया।

सम्मेलन का शुभारंभ नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफेसर डॉ. विक्रम सिंह के स्वागत संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने व्यवसायिक परिवर्तन तथा राष्ट्र निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला एवं

 नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर डॉ. उमा भारद्वाज ने अपने संबोधन में उच्च शिक्षा और अनुसंधान में उभरती प्रौद्योगिकियों के समावेशन पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने शासन, शिक्षा एवं सतत विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा की। पश्चात प्रोफेसर डॉ. सुभाष कुमार वर्मा, डीन, स्कूल ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट ने सम्मेलन के उद्देश्यों एवं बहुविषयक शोध तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने की संस्थान की दृष्टि को रेखांकित किया।

सम्मेलन का शुभारंभ नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के माननीय चांसलर प्रोफेसर डॉ. विक्रम सिंह के स्वागत संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने व्यवसायिक परिवर्तन तथा राष्ट्र निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात प्रोफेसर डॉ. सुभाष कुमार वर्मा, डीन, स्कूल ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट ने सम्मेलन के उद्देश्यों एवं बहुविषयक शोध तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने की संस्थान की दृष्टि को रेखांकित किया।

उद्घाटन सत्र के पश्चात राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें शामिल थे प्रोफेसर डॉ. प्रेम कुमार राजगोपाल, अध्यक्ष, मलेशिया यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मलेशिया, प्रोफेसर डॉ. एम. के. दत्ता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैज्ञानिक एवं अतिरिक्त प्रो.कुलपति, एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा, विवेक रंजन राय सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध प्रकोष्ठ, लखनऊ, श्रीमती लता गौतम निदेशक (रोज़गार) रोजगार महानिदेशालय श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार, वरिष्ठ प्रोफेसर अजय कुमार सिंह, पूर्व डीन एवं अध्यक्ष, दिल्ली विश्वविद्यालय खेल परिषद, दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रोफेसर डॉ. वी. के. पालीवाल प्राचार्य दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रोफेसर एस. एन. महापात्र प्रोफेसर एवं महाविद्यालय अधिष्ठाता दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, डॉ. मनोज प्रोफेसर, दयाल सिंह कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।

सम्मेलन के दौरान कई सत्र ऑनलाइन माध्यम से भी आयोजित किए गए, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सकी।

सम्मेलन के अंतर्गत एक अत्यंत प्रभावशाली पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें निम्नलिखित प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया:

सम्मेलन के अंतर्गत एक अत्यंत प्रभावशाली पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें निम्नलिखित प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया :-

-दीपक राज तुषिर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सह–संस्थापक, बिनसर फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड।

-अभयकांत श्रीवास्तव, वैश्विक प्रमुख, सांख्यिकीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज।

-डॉ. विजय कुमार गहलावत, प्रोफेसर, अंतर्विषयक विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान।

-अमित जावर, विक्रय एवं विपणन प्रमुख (तेज़ी से उपभोग होने वाले उपभोक्ता उत्पाद), पतंजलि।

सुश्री प्रीति गोयल, संस्थापक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक, प्रिशा वेल्थ मैनेजमेंट निवेश परामर्शदाता।

पैनल चर्चा के दौरान व्यवसायिक निर्णय–निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण, नैतिक एवं उत्तरदायी उपयोग, साइबर सुरक्षा की चुनौतियाँ, कृषि एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में तकनीकी नवाचार, कार्यबल कौशल उन्नयन, वित्तीय प्रौद्योगिकियाँ तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अर्थव्यवस्था में रोजगार के भविष्य जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिनिधियों और पैनल सदस्यों के बीच हुई सक्रिय सहभागिता ने सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक बनाया।

सम्मेलन में लगभग 300 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की, जिनमें शिक्षाविद, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं उद्योग जगत के पेशेवर शामिल थे। इनमें से 200 से अधिक शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, व्यवसाय, सतत विकास एवं नवाचार से जुड़े बहुविषयक विषयों पर केंद्रित थे।

नेटवर्किंग भोज के माध्यम से प्रतिनिधियों को आपसी संवाद एवं शैक्षणिक तथा औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर प्राप्त हुआ। इसके पश्चात ऑफलाइन शोध पत्र प्रस्तुति सत्र आयोजित किए गए, जिनमें नवीन शोध निष्कर्षों पर सार्थक विचार–विमर्श हुआ।

सम्मेलन का समापन मॉडरेटर के समापन वक्तव्य के साथ हुआ, जिसमें सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्षों का सार प्रस्तुत करते हुए शिक्षा, उद्योग और नीति–निर्माताओं के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग सतत एवं समावेशी विकास के लिए प्रभावी रूप से किया जा सके।

आईसीआईएमआईएस–2026 का सफल आयोजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र गति से विकसित होते क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार एवं वैश्विक ज्ञान–विनिमय के प्रति नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ रूप से दर्शाता है।

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