स्वामी दीपांकर का करुणा-संदेश : “दया, धर्म और देश—तीनों की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य”

सनातन एकता भिक्षा यात्रा के तीन वर्ष पूर्ण होने पर गाजियाबाद में भव्य ‘विशाल सामूहिक हनुमान चालीसा एवं हिंदू समागम’ सम्पन्न
गाजियाबाद। सनातन एकता मिशन की तीन वर्ष की सफल यात्रा एवं शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार शाम गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार स्थित श्री नव दुर्गा मंदिर, गौर सिद्धार्थम् में भव्य सामूहिक हनुमान चालीसा एवं हिंदू समागम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में परम श्रद्धेय स्वामी दीपांकर जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी, ओजस्वी और भावनात्मक संबोधन से जनसमूह को आत्मिक ऊर्जाओं से भर दिया। विशाल संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने स्वामी जी के विचारों को अत्यंत मनोयोग से सुना और भक्ति, एकता तथा राष्ट्रधर्म के संदेश को आत्मसात किया।

स्वामी दीपांकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में बढ़ते अंधकार को दूर करने का एकमात्र उपाय यह है कि हर व्यक्ति अपने भीतर करूणा, मानवता और सत्य का दीप प्रज्वलित करे। उन्होंने बताया कि राष्ट्र तभी सशक्त बनता है जब उसके नागरिक अपने, कर्म और चरित्र से उजाला फैलाने का संकल्प लेते हैं। इसी संदर्भ में स्वामी जी ने एक भावनात्मक संस्मरण साझा किया, जिसने पूरे पंडाल में अद्वितीय ऊर्जा भर दी। उन्होंने कहा कि एक बार उन्होंने एक कार्यक्रम में लोगों से आग्रह किया था कि ‘अंधकार को कोसने से अच्छा है कि अपने हाथ में एक छोटा-सा प्रकाश जला दें, चलिए अपना मोबाइल उठाइए और टॉर्च ऑन कीजिए।’ यह सुनते ही हजारों लोगों ने अपनी टॉर्च ऑन कर दी थी, और वह दृश्य केवल प्रकाश का नहीं, बल्कि हजारों दिलों में जागी मानवता और एकता का प्रतीक बन गया था। जैसे ही स्वामी जी ने यह संस्मरण सुनाया, आज के कार्यक्रम में भी अनेक श्रद्धालुओं ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर वातावरण को उज्ज्वल कर दिया, जिससे पूरा परिसर दिव्यता से आलोकित हो उठा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री अरुण जी, प्रांत संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद मेरठ प्रांत तथा श्री राजकुमार डूंगर, प्रांत मंत्री विश्व हिंदू परिषद मेरठ प्रांत उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त गरिमामय उपस्थिति में सुनील सिद्धू, धर्म प्रसार प्रमुख विश्व हिंदू परिषद मेरठ प्रांत आलोक गर्ग, महानगर अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद श्रीमती अनिला सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी तथा शहर विधायक संजीव शर्मा भी शामिल हुए। सभी अतिथियों ने सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं, सामाजिक एकता और राष्ट्रहित में जागरूकता की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए तथा स्वामी दीपांकर जी के मार्गदर्शन को समय की आवश्यकता बताते हुए उनकी सराहना की।

शाम 6 बजे आरंभ हुए सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में श्रद्धालुओं की भक्ति अपने चरम पर दिखाई दी, जब सैंकड़ों सुरों ने एक साथ प्रभु श्री राम और हनुमान जी की आराधना कर वातावरण को पवित्र कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अत्यंत अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। आयोजन बहन निशा एवं समस्त मातृशक्ति, गौर सिद्धार्थम् सोसायटी द्वारा किया गया, जबकि निवेदक विश्व हिंदू सनातनी सामूहिक हनुमान चालीसा, ब्लॉक रेजिडेंट्स वैलफेयर एसोसिएशन विजय नगर एवं समस्त हिंदू समाज रहे।
अंत में स्वामी दीपांकर जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संदेश देते हुए कहा कि देश और समाज के परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है। यदि हर नागरिक अपने जीवन में सत्य, सेवा, साहस और करूणा को अपनाए, तो सम्पूर्ण राष्ट्र प्रकाशपुंज बन सकता है। वंदे मातरम् और जय श्री राम के जयघोष के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ, और श्रद्धालु अपने साथ उजाला, प्रेरणा और राष्ट्रधर्म का संकल्प लेकर लौटे।



