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महाशिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक के लिए तैयार है सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर

रात्रि 12 बजे श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज करेंगे भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक, तत्पश्चात भक्तों के लिए खुलेंगे मंदिर के कपाट

गाजियाबाद। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव के जलाभिषेक हेतु देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर पूर्ण रूप से सुसज्जित और तैयार है। महाशिवरात्रि पर्व का शुभारंभ आज रात्रि 12 बजे होगा, जब मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष नारायण गिरि भगवान दूधेश्वर का विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक करेंगे।

महाराजश्री के साथ श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग सर्वप्रथम पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक संपन्न करेंगे। इसके पश्चात प्राचीन देवी मंदिर, द्वारका पुरी (दिल्ली गेट) के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज द्वारा महाआरती की जाएगी और तत्पश्चात मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

आज सायं से प्रारंभ होगी चतुर्दशी तिथि
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज सायं 5 बजकर 04 मिनट से प्रारंभ होकर 16 फरवरी को सायं 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। इसी आधार पर महाशिवरात्रि पर्व रविवार, 15 फरवरी को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि व्रत का पारण 16 फरवरी को प्रातः 6 बजकर 42 मिनट से दोपहर 3 बजकर 10 मिनट तक किया जा सकेगा।


निशीथ काल का पूजन सर्वश्रेष्ठ
महाशिवरात्रि पर निशीथ काल का शुभ मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से प्रातः 1 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार यह समय भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस अवधि में जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक करना विशेष फलदायी होता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर अनेक शुभ योग एवं राजयोग बन रहे हैं, जिनमें भगवान दूधेश्वर की पूजा से कष्टों का नाश एवं महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है—
प्रथम प्रहर: सायं 6:11 से रात्रि 9:23 तक
द्वितीय प्रहर: रात्रि 9:23 से रात्रि 12:35 तक
तृतीय प्रहर: रात्रि 12:35 से प्रातः 3:47 तक
चतुर्थ प्रहर: प्रातः 3:47 से प्रातः 6:59 तक
महाकाल रूप में होगा भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार
मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि आज सायं महाराजश्री के सानिध्य में भगवान दूधेश्वर का महाकाल स्वरूप में भव्य एवं दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। यह अलौकिक श्रृंगार श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल के नेतृत्व में किया जाएगा, जिसमें मुकेश, प्रतीक, राजेश, यश, नकुल, दक्ष, कुशांक सहित अनेक भक्तों का सहयोग रहेगा। भगवान का श्रृंगार 501 किलो फल-फूलों से किया जाएगा तथा 56 भोग अर्पित किए जाएंगे।
भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
जलाभिषेक हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा चार कतारों की व्यवस्था की गई है। व्यवस्था संचालन हेतु 250 से अधिक स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी की जाएगी।
जिला प्रशासन व नगर निगम का सहयोग
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु जिला प्रशासन, नगर निगम एवं बिजली विभाग द्वारा स्वच्छता, गंगाजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि भक्तजन निर्बाध रूप से भगवान दूधेश्वर के दर्शन एवं जलाभिषेक कर सकें।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा मंदिर परिसर शिवमय वातावरण में भक्तों के स्वागत के लिए तैयार है। “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ श्रद्धालु भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

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