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श्री रामलीला समिति राजनगर में 4 अक्टूबर को होगा कवि सम्मेलन

गाजियाबाद। रामलीला केवल धार्मिक आस्था का मंच ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम भी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री रामलीला समिति राजनगर ने अपने वार्षिक आयोजन के विराम दिवस को कवि सम्मेलन के रूप में समर्पित करने का निर्णय लिया है। शनिवार, 4 अक्टूबर की शाम रामलीला मंच पर साहित्यिक सुरभि बिखेरने के लिए देशभर के ख्याति प्राप्त कवि एवं शायर जुटेंगे।

समिति के अध्यक्ष जयकुमार गुप्ता ने बताया कि कवि सम्मेलन का उद्देश्य न केवल श्रोताओं का मनोरंजन करना है, बल्कि समाज में साहित्यिक चेतना का विस्तार करना भी है। उन्होंने कहा कि “रामलीला समिति हमेशा से प्रयास करती रही है कि धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ सांस्कृतिक और साहित्यिक आयाम भी लोगों तक पहुँचे। कवि सम्मेलन इसी सोच का हिस्सा है।”

इस भव्य कवि सम्मेलन के संयोजक एवं संचालक के रूप में मशहूर शायर और वरिष्ठ पत्रकार राज कौशिक जिम्मेदारी निभाएंगे। वे अपने विशिष्ट अंदाज़ और सधी हुई शैली से कार्यक्रम को गति देंगे।

चुने हुए कवि करेंगे काव्यपाठ

आयोजन में श्रोताओं को विभिन्न विधाओं और शैलियों का रसपान कराने के लिए देश के अनेक चर्चित रचनाकार शामिल होंगे। इनमें—

विश्व प्रसिद्ध शायर विजेंद्र सिंह परवाज़

हास्य सम्राट प्रताप सिंह फौज़दार

मेरठ के लोकप्रिय हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता

गीतकारा कोमल रस्तोगी (मेरठ)

गीतकार मयंक शर्मा (मुरादाबाद)

प्रख्यात कवयित्री डॉ. उषा श्रीवास्तव

राज कौशिक

अपने-अपने काव्यपाठ से मंच की शोभा बढ़ाएँगे। किसी की प्रस्तुति में हास्य-व्यंग्य की धार होगी तो कोई ग़ज़लों और गीतों की मधुरता से श्रोताओं को बांधे रखेगा।

शाम को गूंजेगा काव्य-सुर

कवि सम्मेलन का शुभारंभ शाम 7 बजे रामलीला मंच पर होगा। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन रात तक चलेगा और हर प्रस्तुति दर्शकों को अलग अनुभव देगी। अनुमान है कि सैकड़ों की संख्या में साहित्य और संस्कृति प्रेमी कार्यक्रम में पहुँचेंगे।

संस्कृति और साहित्य का अनूठा संगम

राजनगर रामलीला गाजियाबाद की पुरानी परंपराओं में से एक है। यहाँ हर वर्ष धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं, जो स्थानीय समाज को एकता और मनोरंजन का संदेश देते हैं। कवि सम्मेलन इसी क्रम का अहम हिस्सा है। पिछले वर्षों में भी यहाँ हुए कवि सम्मेलन को अपार सफलता मिली थी और इस बार भी श्रोताओं की उत्सुकता चरम पर है।

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