DharamGhaziabadShri Dusheshwar nath mandir
श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में गणपति लड्डू महोत्सव का शुभारंभ

- श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अभिजीत मुहूर्त में कराया गणेश प्रतिमा का प्रतिष्ठापन, 1100 लड्डुओं का भोग अर्पित
गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर बुधवार को चार दिवसीय श्री दूधेश्वर गणपति लड्डू महोत्सव का शुभारंभ धूमधाम से हुआ। मंदिर के पीठाधीश्वर, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अभिजीत मुहूर्त में वेद मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ गणेश प्रतिमा की स्थापना कराई। भगवान गणेश को इस अवसर पर 1100 लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया।

महोत्सव की शुरुआत के पहले ही दिन गाजियाबाद सहित आसपास के विभिन्न शहरों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे। भक्तों ने पूजन-अर्चन कर भगवान गणेश और भगवान दूधेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया। माहौल भक्तिमय और उल्लास से सराबोर रहा।
पूजन के दौरान स्वस्तिवाचन, गणेश-गौरी पूजन, षोडश मातृका पूजन, कलश पूजन, नवग्रह पूजन, श्री सर्वतोभद्र मंडल पूजन, गणेश सहस्रनाम द्वारा सहस्रार्चन तथा गणेश अथर्वशीर्ष, संकट नाशन गणेश स्तोत्र एवं गणेश पंचरत्न स्तोत्र का पाठ संपन्न हुआ।

इस पावन अवसर पर विधायक संजीव शर्मा, मंदिर विकास समिति अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग, महामंडलेश्वर नरसिंहानन्द सरस्वती, समाजसेवी डॉ. उदिता त्यागी, श्रृंगार सेवा समिति अध्यक्ष विजय मित्तल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि गणेश चतुर्थी आशा और समृद्धि का त्योहार है। यह पर्व हमें मिल-जुलकर सद्भावना और भाईचारे से रहने का संदेश देता है। भगवान गणेश नई शुरुआत के देवता, विघ्नहर्ता और विद्या के संरक्षक हैं।

मंदिर मीडिया प्रभारी एस.आर. सुथार ने जानकारी दी कि महोत्सव 29 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक पंचोपचार पूजन, पंचामृत अभिषेक, 1008 नामों से सहस्रार्चन और 1100 लड्डुओं का भोग अर्पित कर आरती होगी।
28 अगस्त को रात्रि 8 बजे श्री राधा वल्लभ संकीर्तन मंडल द्वारा भजन संध्या का आयोजन होगा।
29 अगस्त को बंसल आर्ट ग्रुप मेरठ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व भव्य झांकियां प्रस्तुत करेगा।
30 अगस्त को भगवान गणपति को रथ पर विराजमान कर मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकलेगी, जो ढोल-ताशों, बैंड-डीजे और आकर्षक झांकियों के साथ शहरभर से गुजरते हुए दूधेश्वर घाट छोटा हरिद्वार, मुरादनगर पहुंचेगी। वहां वैदिक मंत्रोच्चार और आरती के साथ गणपति बप्पा को विधिवत विदाई दी जाएगी।
महोत्सव के सफल संचालन में मंदिर विकास समिति उपाध्यक्ष अनुज धर्म गर्ग और पवन पुत्र चोपड़ा सहित समिति के पदाधिकारियों का विशेष योगदान है।



