पत्रकारों की पेंशन व कल्याणकारी सुविधाओं की बहाली को लेकर सांसद अरविंद सावंत से मिला प्रतिनिधिमंडल

कैशलेस चिकित्सा, रेल किराया रियायत और सामाजिक सुरक्षा को बताया पत्रकारों का मौलिक अधिकार
नई दिल्ली। पत्रकारों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा रेल यात्रा किराए में पूर्व की भांति रियायत पुनः बहाल किए जाने की मांग को लेकर संघर्षरत मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लोकसभा सांसद अरविंद सावंत से नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों की ज्वलंत समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों से सांसद को अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र गुप्ता, रजनीकांत तिवारी, विनोद तकियावाला, अमित कुमार तथा सुशील देव शामिल रहे। समिति के सदस्यों ने सांसद को बताया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकार आज स्वयं असुरक्षा और उपेक्षा का शिकार हैं। विशेष रूप से पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव पत्रकारों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि देश के लगभग 18 राज्यों में पत्रकारों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य बीमा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाएं लागू हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पत्रकार अब भी इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि राजधानी के पत्रकारों के साथ भेदभाव को भी दर्शाती है।
समिति के सदस्यों ने यह भी कहा कि उम्रदराज और वरिष्ठ पत्रकार आर्थिक तंगी के कारण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बढ़ती उम्र, गिरता स्वास्थ्य और आय के सीमित साधनों के कारण वे कोई वैकल्पिक रोजगार भी नहीं कर पाते। ऐसे में उनकी सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से आग्रह किया कि वे इस गंभीर विषय को संसद के पटल पर प्रभावी ढंग से उठाएं, ताकि केंद्र सरकार पत्रकारों की वास्तविक स्थिति को समझ सके और ठोस निर्णय लिया जा सके। समिति ने यह भी कहा कि रेल यात्रा किराए में पूर्व में दी जाने वाली रियायत पत्रकारों के लिए अत्यंत सहायक थी, जिसे बिना किसी विकल्प के समाप्त कर दिया गया, जिससे पत्रकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
इस अवसर पर सांसद अरविंद सावंत ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे पत्रकारों की समस्याओं को शीघ्र ही संसद में उठाकर सरकार को जमीनी हकीकत से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का एक महत्वपूर्ण वर्ग हैं और उनकी अनदेखी किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
मुलाकात के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि पत्रकारों के हित में शीघ्र ही सकारात्मक पहल देखने को मिलेगी।



